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भोपाल । उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम छोर के व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण एवं उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की डिजिटल व्यवस्थाओं से नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इसके लिए सभी को समेकित प्रयास करना होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल की राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कहा कि चयनित मॉडल जिलों एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्थाओं में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू करें और यहां विकसित होने वाली श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को प्रदेश की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंचाएं। डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेखों के शत-प्रतिशत उपयोग, स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के प्रभावी समावेश और नागरिक-केंद्रित सेवा व्यवस्था को प्राथमिकता दें।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल को केवल तकनीकी परियोजना के रूप में न लें, बल्कि इसे स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक बदलाव के अभियान के रूप में आगे बढ़ाएं। जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य संस्थाओं के नोडल अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए टेलीमेडिसिन का अधिक प्रभावी उपयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार आईपीएचएस-12 मानकों के अनुसार पद सृजन, आवश्यक भर्ती के लिए नियमित फॉलोअप और स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है। सभी अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी अपनी भूमिका का प्रभावी निर्वहन करते हुए मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों पर अग्रणी बनाने के लिए मिशन मोड में कार्य करें।