📰 पूरी खबर:
नीमच । कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय सहित सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में निर्धारित समय पर चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।कलेक्टर के प्रमुख निर्देश-चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थिति: जिला चिकित्सालय सहित सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में ओपीडी के निर्धारित समय में चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य रहे। प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सकों की उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से ही मान्य होगी।अनधिकृत अनुपस्थिति पर कार्रवाई: बिना सूचना के एक माह से अधिक समय से अनुपस्थित चिकित्सकों के विरुद्ध ‘नो वर्क-नो पे’ के आधार पर कार्रवाई के साथ आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश सीएमएचओ को दिए।जिला चिकित्सालय की सेवाओं में सुधार: सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेंद्र पाटील एवं आरएमओ डॉ. मनीष यादव को जिला चिकित्सालय का दिन में तीन बार निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।प्रसव एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं: जावद, मनासा एवं लासूर की स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रसव कक्ष, रेफरल एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्था प्रभारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी: प्रत्येक सेक्टर मेडिकल ऑफिसर साप्ताहिक बैठक का एजेंडा निर्धारित कर एएनसी पंजीयन, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन एवं प्रबंधन की समीक्षा करें। प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रसव पूर्व कम से कम चार स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए। हाई रिस्क एएनसी की प्रतिदिन ट्रैकिंग: उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि से 15 दिन पूर्व प्रतिदिन ट्रैकिंग शुरू कर उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्था में ही प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।टीकाकरण में शत-प्रतिशत उपलब्धि: टीकाकरण में अपेक्षाकृत कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक सप्ताह में टीकाकरण से वंचित सभी पात्र बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रतिरोधी परिवारों वाले क्षेत्रों में प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने को कहा।कम उम्र में गर्भधारण की रोकथाम: महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग को ऐसे व्यक्तियों एवं समुदाय स्तर के सहयोगियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जो परामर्श के माध्यम से कम उम्र में गर्भधारण को रोकने तथा महिलाओं को हाई रिस्क एएनसी बनने से बचाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को पोषण सहायता: जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को फूड बास्केट उपलब्ध कराने के लिए पात्र महिलाओं का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।दस्तक अभियान में शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग: दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए कम वजन, अति कम वजन, दस्त एवं अन्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों के अपेक्षाकृत कम चिन्हांकन पर पुनः समुदाय स्तर पर सर्वे एवं स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी बच्चा स्क्रीनिंग से वंचित न रहे।कम वजन वाले बच्चों का तत्काल उपचार: अभियान में चिन्हित कम वजन वाले बच्चों को तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए।एनसीडी कार्यक्रम में फॉलोअप: गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के साथ प्रत्येक मरीज की बीमारी को नियंत्रण में रखने के लिए नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश नोडल अधिकारी को दिए।एसएनसीयू सेवाओं में सुधार: नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई की सेवाओं की समीक्षा कर नवजात मृत्यु दर कम करने एवं सफलतापूर्वक डिस्चार्ज का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए।एनबीएसयू की गुणवत्ता: सिंगोली एवं मनासा के एनबीएसयू में सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर करने तथा अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने के निर्देश दिए।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम: चिन्हित बच्चों के क्लब फुट एवं अन्य सर्जरी संबंधी प्रकरणों की प्रक्रिया एक पखवाड़े में पूर्ण करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से सूची प्राप्त कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा: मातृ मृत्यु, बाल एवं शिशु मृत्यु, एचबीएनसी, क्षय नियंत्रण, मलेरिया नियंत्रण, एड्स नियंत्रण, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना के भुगतान, आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण एवं परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा कर सुधारात्मक निर्देश दिए।बेहतर कार्य करने वाले सेक्टरों की सराहना- बैठक के अंत में विगत वर्ष के कार्यों के आधार पर ‘मेरा सेक्टर सबसे बेहतर’ के अंतर्गत अच्छा कार्य करने वाले चचौर तथा कुकड़ेश्वर शहरी एवं ग्रामीण सेक्टर की सराहना की गई। इनमें मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. मोहित कसेरा, डॉ. लोकेश पाटीदार तथा सेक्टर सुपरवाइजर राधेश्याम मालवीय, बैजनाथ अहीरवार एवं जंत्रीप्रसाद गुप्ता के कार्य की प्रशंसा की गई। निम्न प्रदर्शन वाले सेक्टरों को कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री बी.एस.कलेश, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेंद्र पाटील, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेश गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर श्री चन्द्र सिंह धार्वे, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर, नोडल अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।