📰 पूरी खबर:

नीमच/झाबुआ. पेटलावद क्षेत्र के किसानों को राज्य शासन ने बड़ी सौगात दी है। मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग ने माही परियोजना की मुख्य नहर एवं सहायक नहरों के *विशेष मरम्मत कार्य हेतु 1668.35 लाख रुपये (सोलह करोड़, अड़सठ लाख, पैंतीस हजार रुपये)* की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। लंबे समय से किसानों द्वारा की जा रही मांग अब पूरी हुई है। 

*इन कार्यों को मिली स्वीकृति:*  

 *माही मुख्य नहर शाखा* का सुधार एवं विशेष मरम्मत।  
*वितरिका (डिस्ट्रीब्यूटरी) नहरों* का जीर्णोद्धार।  
 किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने वाली *माइनर एवं सब-माइनर नहरों* की मरम्मत।  

*क्यों महत्वपूर्ण है माही परियोजना:*  

माही परियोजना पेटलावद विधानसभा क्षेत्र की *जीवनरेखा* है। इस परियोजना को धरातल पर उतारने में पूर्व सांसद स्व. दिलीप सिंह भूरिया की अहम भूमिका रही थी। माही परियोजना की नहरों की कुल लंबाई *284 किलोमीटर* है। इसका लाभ पेटलावद क्षेत्र के *19 हजार से अधिक किसानों* को मिल रहा है तथा नहरों से करीब *22 हजार हेक्टेयर* क्षेत्र में सिंचाई होती है। नहरें क्षतिग्रस्त होने से अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था और जल की बर्बादी भी हो रही थी।

*कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जताया आभार:*  

कैबिनेट मंत्री एवं पेटलावद विधायक सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा,कि _"माही परियोजना हमारे क्षेत्र की जीवनरेखा है। लंबे समय से किसान भाई नहरों के क्षतिग्रस्त होने और अंतिम छोर तक पानी न पहुंच पाने की समस्या बता रहे थे। किसानों की इस पीड़ा को देखते हुए हमने शासन स्तर पर विशेष मरम्मत की पुरजोर मांग रखी थी। आज मुझे बेहद खुशी है कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य शासन ने 16 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस ऐतिहासिक निर्णय से नहरों का कायाकल्प होगा, पानी की बर्बादी रुकेगी और हमारे अन्नदाताओं के खेतों तक पर्याप्त सिंचाई का पानी पहुंचेगा। यह स्वीकृति क्षेत्र की कृषि प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी। मैं पूरे क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट का आभार व्यक्त करती हूँ।"_ 

इस स्वीकृति से पेटलावद एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी और रबी-खरीफ दोनों फसलों के लिए किसानों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।