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नीमच जिले में शिक्षा एवं भाषा विकास को लेकर एक सराहनीय पहल सामने आई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के मार्गदर्शन में आयोजित नवाचार भ्रमण कार्यक्रम में कक्षा एक से भी छोटे “अरुण” एवं “उदय” वर्ग के विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा में बड़े उत्साह के साथ अपना परिचय प्रस्तुत किया। छोटे-छोटे बच्चों का आत्मविश्वास, मंच प्रस्तुति एवं गीत आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम में संस्कृत पायलट प्रोजेक्ट प्रभारी और RRM कॉलेज के प्रशासक श्री गोवर्धन सोनिगरा जी द्वारा प्रस्तावना प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में एलकेजी एवं यूकेजी स्तर पर संस्कृत कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। यह पहल केवल नीमच तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के लगभग 20 जिलों में एक विशेष प्रोजेक्ट के अंतर्गत संस्कृत भाषा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस दौरान “अरुण” एवं “उदय” कक्षाओं का संचालन नगर स्थित EFA pm shree शा बा मा विद्यालय क्रमांक 2 नीमच में काशी से प्रशिक्षित शिक्षिका श्रीमती आशा सोनीगरा द्वारा अत्यंत सरल एवं प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। इन कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भाषा कौशल एवं संस्कारों का विकास करना है। विशेषज्ञों के अनुसार संस्कृत बोलने से बच्चों की हकलाने की समस्या में सुधार होता है तथा शब्दों का उच्चारण अधिक शुद्ध एवं स्पष्ट बनता है।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं अधिकारियों ने इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, नवाचार प्रवेशोत्सव तथा डाइट के लगभग 60 प्रशिक्षुओं के नवाचार भ्रमण के दौरान यूनिक पाठन गतिविधियों पर विशेष जोर दिया गया। जिसमें सीसीटीवी लैब कंप्यूटर लैब का भी संचालन प्रशिक्षण दिया गया, इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रत्येक छात्र को अधिकतम 10 अंक निर्धारित किए गए हैं।

 डाइट प्राचार्य श्री निर्मल राठौर D.El.Ed. प्रभारी सुश्री वर्षा भारती
मूल्यांकन प्रभारी श्रीमती गायत्री सपेड़ियाFLN प्रभारी श्रीमती चेतना अग्रवाल, नवाचार भ्रमण प्रभारी श्री सुनील कुमार शर्मा, EFA शाला प्रभारी श्रीमती कुसुम शर्मा अभिभावकों के अनुभव भी सामने आया है-संस्कृत भाषा के माध्यम से न केवल सांस्कृतिक जुड़ाव सुदृढ़ हो रहा है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास एवं संवाद कौशल में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।