रतनगढ़ (प्रदीप तिवारी)।19 दिसंबर को सामान्य वनमंडल नीमच अंतर्गत परिक्षेत्र रतनगढ़ में प्रथम अनुभूति शिविर का आयोजन सबरेंज बाणदा की बीट नारदा के कक्ष क्रमांक 241 में आयोजित किया गया। शिविर में माननीय श्री ओमप्रकाश सकलेचा विधायक जावद (पूर्व केबिनेट मंत्री)। श्री जसवंत बंजारा भजपा मंडल अध्यक्ष रतनगढ़, श्री कचरूमल जी गुर्जर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि रतनगढ़, श्री सतीष जी व्यास जिला उपाध्यक्ष नीमच, श्री पिकेंश जी मण्डोवरा मंडल महामंत्री, श्री शंकरलाल जी गुर्जर जिला मंत्री, श्री नितेश जी सेन आईटी सेल, मोडिया महादेव समिति अध्यक्ष श्री शर्मा, श्री एस.पी. व्यास पत्रकार रतनगढ़, उपवनमंडलाधिकारी नीमच श्री दशरथ अखण्ड, वनपरिक्षेत्र अधिकारी रतनगढ़ श्री पी. एल. गेहलोत, वनपरिक्षेत्र अधिकारी जावद श्री विपूल प्रभात करोरिया, परिक्षेत्र सहायक ताल श्री बापूलाल दायणा वनपाल, परिक्षेत्र सहायक उमर श्री तरूण बोरीवाल कार्यवाहक वनपाल, परिक्षेत्र सहायक बाणदा श्री अजय तौमर कार्यवाहक वनपाल, परिक्षेत्र सहायक डीकेन श्री अरविन्द गोड कार्यवाहक वनपाल, श्री नयन मालवीय वनरक्षक, श्री निरंजन पाराशर वनरक्षक, कु. प्रीति कन्हरिया वनरक्षक, श्री सदाशिव धाकड वनरक्षक, श्री सतीष राठौर वनरक्षक, श्री राजु कबाडिया वनरक्षक, श्री प्रहलाद सोनी, श्री राजकुमार चौहान, श्री घीसालाल एवं नन्दलाल सोनी, श्री ओमप्रकाश शर्मा, श्री जमनालाल, श्री शांतीलाल, बालकिशन एवं दिनेश वा.चा. एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। अनुभूति शिविर में शासकीय विद्यालय कंदवासा के प्राचार्य श्री नेमीचन्द धाकड एवं डाबडाकलां के प्रधानाचार्य सहित कुल 08 शिक्ष एवं 126 छात्र-छात्राएँ उपस्थित हुए, अनुभूति मास्टर ट्रेनर श्री बापूलाल दायणा (वनपाल), श्री सदाशिव धाकड (वनरक्षक), श्री मो. सगीर मंसूरी, (वनरक्षक), द्वारा अनुभूति वर्ष 2025-26 की थीम "हम पृथ्वी के दूत" के बारे में जानकारी दी गई। वन एवं वन्यप्राणी सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया गया। समस्त विद्यार्थियों को किट (अनुभूति पुस्तिका, केप, पेन, पेंसील) वितरित की गई। अनुभूति प्रकृति पथ भ्रमण एवं जंगल सचित्र के दौरान विभिन्न वृक्षों की पहचान, वन्य जीव साक्षों की पहचान, जडमृदा तंत्र, नदियों का महत्व, पक्षी दर्शन आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। मिशन लाइफ के तहत पर्यावरण के संरक्षण शिविर अंतर्ग खाद्ध जाल जंगल की पुकार, एवं कर्तव्य के महत्व को पूरा करने के लिए सरल तरीकों से बच्चों को समझाया गया। प्रकृति संरक्षण को रोचक ढंग से समझाया गया। खले-खेल में बिना सिले कपडे का जोला बनाने का प्रशिक्षण दिया गया तथा पलास्टीक उपयोग नहीं करने के संबंध में समझाया गया। क्विज प्रतियो एवं गीत गायन का कार्य किया गया प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र/छात्राओं को पुरस्कार वितरण किया गया। मैं भी बाघ, हम हैं बदलाब, हम हैं धरती के दूत थीम पर बाघ नृत्य करवाया गया। अनुभूति की शपथ ग्रहण करवाई गई समूह छायाचित्र के साथ शिविर का