भोपाल । मध्य प्रदेश में बैतूल-भोपाल नेशनल हाईवे (एनएच-46) के अधूरे निर्माण कार्य के बावजूद टोल वसूली जारी रहने का मुद्दा संसद तक पहुंच गया है। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने यह मामला उठाते हुए केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से जवाब मांगा और इसे जनता के साथ अन्याय बताया। सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे नितिन गडकरी को देश के सबसे प्रभावशाली और कुशल मंत्रियों में मानते हैं, लेकिन अधूरी और खराब सडक़ों पर टोल वसूली उचित नहीं है। मंत्री स्वयं बैतूल आकर सडक़ की हालत देख चुके हैं और अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं, फिर भी टोल बंद नहीं होना चिंताजनक है। केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 25 अक्टूबर 2015 को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने बैतूल-भोपाल नेशनल हाईवे का निरीक्षण किया था। कुंडी टोल प्लाजा के पास वसूली यह मामला खासतौर पर शाहपुर के पास स्थित कुंडी टोल प्लाजा से जुड़ा है। बैतूल से इटारसी तक सडक़ के कई हिस्सों में गड्ढे, अधूरा डामरीकरण और चल रहे निर्माण कार्य के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोग और वाहन चालक लंबे समय से टोल वसूली का विरोध कर रहे हैं। नीति बदलाव की उठी मांग स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब तक सडक़ पूरी तरह मानक ड्राइविंग गुणवत्ता के अनुरूप नहीं बन जाती, तब तक टोल वसूली पर रोक लगनी चाहिए। संसद में मुद्दा उठने के बाद उम्मीद है कि केंद्र सरकार अधूरी या खराब सडक़ों पर टोल वसूली को लेकर स्पष्ट नीति बनाएगी। 7 साल में भी नहीं बन पाया फोरलेन करीब 995 करोड़ रुपए की लागत से बन रही बैतूल-औबेदुल्लागंज फोरलेन सडक़ का काम सात साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। 2017 में शुरू हुआ निर्माण कार्य अब तक अधूरा है, जबकि ठेके की समय सीमा 2023 में समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद ठेका कंपनी को तीन बार एक्सटेंशन दिया गया है। सिंगल लेन पर सडक़ पर गहरे गड्ढे वर्तमान में सडक़ की हालत कई स्थानों पर बेहद खराब है। बरेठा घाट क्षेत्र अब भी सिंगल लेन में है और मामला हाईकोर्ट में लंबित है। वहीं, भौंरा से इटारसी तक सडक़ जगह जगह टूटी और 5-5 फीट चौड़े गड्ढे बने हुए हैं। इटारसी के पास भी सडक़ सिंगल लेन की स्थिति में है। 7 महीने पहले से टोल वसूली जारी यात्रियों और स्थानीय लोगों की शिकायत है कि सडक़ पर सांकेतिक बोर्ड, लाइट और सर्विस रोड की व्यवस्था नहीं है। शाहपुर, भौंरा, पाढर सहित कई स्थानों पर लाइट भी नहीं लगाई गई हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बाघ कॉरिडोर क्षेत्र के कारण करीब 21 किलोमीटर हिस्से में निर्माण कार्य रुका हुआ है। यह हिस्सा बागदेव से केसला, बरेठा घाट और भौंरा क्षेत्र के बीच आता है। इसके बावजूद, 21 मई 2025 से इस मार्ग पर टोल वसूली शुरू कर दी गई है, जिससे यात्रियों में नाराजगी है कि अधूरी सडक़ पर भी टोल देना पड़ रहा है।