नई दिल्ली । दिल्ली में जनवरी से इलेक्ट्रिक बसें रफ्तार पकड़ेगी। डीटीसी में जनवरी से मार्च तक के बीच कुल 829 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना तय की गई है। राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन का चेहरा तेजी से बदलने वाला है। नए साल की शुरुआत के साथ ही दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने जा रही हैं। इससे न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि डीटीसी को पूरी तरह ई-बस नेटवर्क में बदलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बीते दिनों इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति में हो रही देरी को लेकर परिवहन मंत्री डॉ। पंकज सिंह ने बस निर्माण कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। बैठक में साफ संदेश दिया गया कि तय समयसीमा में डिलिवरी नहीं हुई तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद कंपनियों ने दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक का विस्तृत डिलिवरी प्लान सरकार को सौंपा। डिलिवरी शेड्यूल के मुताबिक दिसंबर में 120 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें डीटीसी को मिल चुकी हैं। जनवरी महीने में 9 मीटर लंबाई वाली 156 बसें और 12 मीटर लंबाई वाली 120 बसें राजधानी की सड़कों पर उतरेंगी। जनवरी से मार्च 2026 के बीच कुल 829 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना तय की गई है। अधिकारियों के अनुसार मार्च तक आने वाली बसों में 296 बसें 9 मीटर और 530 बसें 12 मीटर श्रेणी की होंगी। इन बसों के शामिल होने के बाद डीटीसी के बेड़े से सीएनजी बसों को पूरी तरह हटाने की तैयारी है। फिलहाल डीटीसी के पास 3427 इलेक्ट्रिक बसें हैं, जो मार्च तक बढ़कर लगभग 4500 हो जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार मार्च तक आने वाली बसों में 296 बसें 9 मीटर और 530 बसें 12 मीटर श्रेणी की होंगी। इन बसों के शामिल होने के बाद डीटीसी के बेड़े से सीएनजी बसों को पूरी तरह हटाने की तैयारी है। फिलहाल डीटीसी के पास 3427 इलेक्ट्रिक बसें हैं, जो मार्च तक बढ़कर लगभग 4500 हो जाएंगी। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत अगले वित्तीय वर्ष से 2800 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें मिलनी शुरू होंगी, जिनकी डिलिवरी दिसंबर 2026 तक पूरी होगी। इन बसों के संचालन के लिए द्वारका, कोहाट एनक्लेव, नांगलोई और रिठाला में चार नए डिपो तैयार किए जा रहे हैं, जहां 1500 से ज्यादा बसों की पार्किंग सुविधा होगी। उल्लेखनीय है कि 19 दिसंबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 100 नई ई-बसों को हरी झंडी दिखाई थी और दिल्ली के धौला कुआं से हरियाणा के धारूहेड़ा तक इंटरस्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत भी की थी।