भोपाल। मप्र समेत देशभर में हाथठेला और रेहड़ी चलाकर अपना जीवन यापन करने वाले स्ट्रीट वेंडरों के लिए राहत देने वाली खबर आई है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 50 लाख नए स्ट्रीट वेंडरों को सस्ता और सुलभ कर्ज देने का लक्ष्य रखा गया है। इनके साथ कुल 1.15 करोड़ स्ट्रीट वेंडरों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। मप्र के शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग के अनुसार पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब लाभार्थियों को 14 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलेगा। जिन वेंडरों को पहले बैंक द्वारा ब्याज काटकर ऋण दिया गया था, उन्हें वह राशि वापस की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत स्ट्रीट वेंडरों के खातों में करीब 120 करोड़ रुपये की वापसी होगी। इस योजना में केंद्र सरकार 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देती है, जबकि शेष सब्सिडी राज्य सरकार वहन करती है। योजना में किया गया बदलाव, 2030 तक बढ़ाई सीमा स्ट्रीट वेंडर शहरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं, लेकिन उन्हें औपचारिक ऋण, सामाजिक सुरक्षा और बाजार तक पहुंच की कमी का सामना करना पड़ता है। पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य इन बाधाओं को दूर कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यही कारण है कि योजना के दायरे और अवधि दोनों का विस्तार किया गया है। बीते 27 अगस्त 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम स्वनिधि योजना के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इसके तहत ऋण वितरण की अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी गई है। इस दौरान योजना पर 7,332 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। स्ट्रीट वेंडरों को मिलेगा 1200 रुपये तक कैशबैक नई योजना में डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए कैशबैक की व्यवस्था की गई है। नियमित डिजिटल खरीदारी पर सालाना 1,200 रुपये तक और थोक खरीदारी पर अतिरिक्त कैशबैक मिलेगा। इससे वेंडरों को न केवल त्वरित ऋण मिलेगा, बल्कि वो डिजिटल पेमेंट को लेकर भी सशक्त बनेंगे। समय पर ऋण चुकाने वालों को यूपीआई से जुड़े रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दी जाएगी। वर्तमान में पीएम स्वनिधि के तहत पहली किस्त में 15 हजार, दूसरी किस्त में 25 हजार और तीसरी किश्त में 50,000 रुपये का लोन दिया जाता है। कोविड के बाद छोटे व्यापारियों के लिए वरदान नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना आजीविका, वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत आधार साबित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जून 2020 में शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य सडक़ किनारे कारोबार करने वाले छोटे विक्रेताओं को आर्थिक मजबूती देना है। भोंडवे ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान ठप पड़े व्यवसायों को दोबारा शुरू करने के लिए यह योजना वरदान साबित हुई। समय के साथ यह केवल ऋण योजना न रहकर स्ट्रीट वेंडरों को पहचान, सम्मान और औपचारिक आर्थिक व्यवस्था से जोडऩे का माध्यम बन गई है।