जबलपुर । मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी ने स्टिंग ऑपरेशन करने वाले पत्रकारों के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं करने का अंतरिम आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और डीजीपी प्रमुख सचिव गृह एवं विधि सचिव को 4 सप्ताह के अंदर जवाब देने नोटिस जारी किया है। 30 नवंबर को एक समाचार पत्र में स्टिंग ऑपरेशन के जरिए मोती नगर थाने परिसर के अंदर शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री को लेकर एक स्टिंग ऑपरेशन का समाचार प्रकाशित हुआ था। उस मामले में पत्रकारों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। पत्रकारों ने कहा था,पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। इस मामले में याचिकाकरताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता वरुण ठाकुर ने सीबीआई द्वारा जो नोटिस जारी किया गया है। उस पर गिरफ्तारी की आशंका जताई गई थी। हाईकोर्ट ने सीबीआई से जांच करने के पश्चात हाई कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। याचिका में सागर के आईजी हिमानी खन्ना, एसपी विकास सहवाल, थाना प्रभारी गोपालगंज राजेंद्र सिंह कुशवाहा, थाना प्रभारी जसवंत सिंह मोती नगर, गजेंद्र सिंह (बहेरिया) और आरएस सिंह मकरोनिया थाना प्रभारी को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाया गया है। पत्रकारों को आशंका थी, स्टिंग ऑपरेशन के बाद उन्हें झूठे मामले में फंसाकर पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। इस मामले की आगामी सुनवाई 27 जनवरी 2026 को होगी। जब तक पत्रकारों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।