भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन अद्भुत संयोग का साक्षी बन रहा है। राज्य सरकार के विकास और सेवा को समर्पित दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और भोपाल की धरती पर भी इतिहास लिखा जा रहा है। हमारा भोपाल विरासत और विकास की दिशा में कदम आगे बढ़ा रहा है, राज्य सरकार के इन प्रयासों से भोपाल क्षेत्र विरासत और विकास के श्रेष्ठ उदाहरण के रूप में विकसित होगा। यह विचार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास और सेवा के सफलतम 02 वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को भोपाल-सीहोर मार्ग पर फंदा स्थित महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में राजा विक्रमादित्य द्वार एवं अत्याधुनिक ई-बस डिपो निर्माण हेतु आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति को अभिव्यक्त करते हुए राजधानी भोपाल में 09 स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। भोपाल में परमार वंश के कुलदीपक राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य, श्रीराम, श्रीकृष्ण के नाम पर भी भव्य स्वागत द्वार बनाए जायेंगे और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ा जा रहा है। नगर निगम द्वारा भोपाल-इंदौर रोड पर लगभग 06 करोड़ 17 लाख से अधिक की राशि से विक्रमादित्य द्वार का निर्माण एवं प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना अंतर्गत 100 इलेक्ट्रिक बसों के लिए संत हिरदाराम नगर एवं कस्तूरबा नगर में लगभग 25 करोड़ 44 लाख रूपये की लागत से अत्याधुनिक डिपो का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम, भोपाल द्वारा शहर के विकास एवं जनसुविधा के लिए किये गये कार्यों की चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महापौर श्रीमती राय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राजा विक्रमादित्य द्वार की प्रतिकृति स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की। भूमिपूजन कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायकद्वय रामेश्वर शर्मा व भगवानदास सबनानी, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, जिला कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन, महापौर परिषद के सदस्य मनोज राठौर, राजेश हिंगोरानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद थे। भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक तरफ भोपाल में भव्य विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन कर हम प्रदेश की विरासत संजोने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं शहर को स्वच्छ, सुलभ और प्रदूषण रहित परिवहन सेवा देने के लिए पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का निर्माण भी करा रहे हैं जिसका आज भूमिपूजन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और सम्राट विक्रमादित्य स्वागत द्वार एवं भोपाल में पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों एवं विभिन्न योजना के हितग्राहियों ने आत्मीय स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा भोज के शासनकाल में निर्मित भोपाल का बड़ा तालाब आज भी आदर्श तकनीक का उदाहरण बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मिट्टी निकालकर बड़े तालाब को गहरा किया जाएगा, इससे खेतों में पानी भरने की समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रीय मांग पर ग्राम फंदा का नाम बदलकर हरिहर नगर करने संबंधी प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हुजूर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तूमड़ा में शाला भवन के लिए 05 करोड़ रुपए देने और ग्राम फंदा में कॉलेज भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और बहनों को हर माह उनके खाते में राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए नदी जोड़ो अभियान चला रही है। प्रदेश में संस्कारों के साथ बेहतर शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय और गुरुकुल की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से विवाह में दिखावा एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों पर फिजूलखर्ची बंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धन की बचत करके अपने बच्चों को पढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में सामूहिक विवाह समारोह में हुए उनके सुपुत्र के विवाह का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता के लिए सभी से प्रयास करने का आव्हान किया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की विरासत को संजोते हुए विकास के नए प्रतिमान स्थापित करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज प्रदेश में विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के आधार पर हमारी सरकार का तीसरा वर्ष शुरू हो रहा है। प्रदेश में पहली बार किसानों को 15 दिन में फसलों के मुआवजे की राशि दी गई। किसानों को फसल का उचित दाम दिलवाने के लिए भावांतर योजना की शुरुआत की गई है। हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। धीरे-धीरे यह राशि बढ़ेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। अभ्युदय मध्यप्रदेश में विकास की धारा बह रही है। सिंहस्थ के भव्य आयोजन की तैयारियां चल रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिली है। दुनिया के कई बड़े निवेशक मध्यप्रदेश आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश-दुनिया में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास और सेवा के संकल्प को निरंतर गति मिल रही है, विगत दो वर्षों में भोपाल के विकास के लिए कई बड़े कार्य हुए हैं। भोपाल में जीआईएस के आयोजन के माध्यम से राजधानी का चहुँमुखी विकास और सौंदर्यीकरण हुआ है। श्रीमती राय ने कहा कि अभी हाल ही में मुख्यमंत्री जी द्वारा भोपाल को कश्मीर की तर्ज पर शिकारा नाव सेवा की सौगात दी गई है और अब भोपाल में भव्य विक्रमादित्य स्वागत द्वार के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। भोपाल को केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से 100 इलेक्ट्रिक बसें मिली हैं। इनके सुगम संचालन के लिए 16 करोड़ की लागत से चार्जिंग स्टेशन भी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर बीआरटीएस को हटाकर आवागमन को सुगम किया गया है। राजधानी में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी द्वारा ओंकारेश्वर, चित्रकूट सहित प्रदेश के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को भी ‘‘लोक’’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।