मल्लिकार्जुन में ध्वजा यात्रा, रामेश्वरम में शाही सवारी और तिरुपति बालाजी में भजन संध्या भी होगी 

इंदौर । अग्रवाल समाज के लगभग 1100 श्रद्धालु आगामी 4 जनवरी को देश के तीन प्रमुख धर्म स्थलों मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, रामेश्वरम धाम और तिरुपति बालाजी की आठ दिवसीय यात्रा पर चार्टेड ट्रेन से प्रस्थित होंगे। इन तीनों धर्मस्थलों पर समाजबंधु ध्वजा यात्रा, शाही सवारी और भजन संध्या के आयोजन कर समाज और राष्ट्र में सुख, शांति एवं सद्भाव के लिए प्रार्थना भी करेंगे और अंग्रेजी नववर्ष के उपलक्ष्य में कुछ नए संकल्प भी करेंगे। फाउंडेशन के प्रमुख संजय बांकड़ा एवं किशोर गोयल ने बताया कि रेलवे मंत्रालय ने इस यात्रा के लिए 12 थर्ड एसी, 2 फर्स्ट एसी एवं 4 स्लीपर कोच सहित 18 डिब्बों की विशेष ट्रेन की मंजूरी प्रदान की है। यह ट्रेन करीब 1100 श्रद्धालुओं और एवं 60 सेवाधारी वेटर्स के साथ 4 जनवरी को इंदौर से प्रस्थित होगी। ट्रेन में समाज बंधुओं के लिए प्रतिदिन चाय, नाश्ते, भोजन, दूध, फलाहार एवं मालवी व्यंजनों की दावत का इंतजाम भी साथ चलेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन 5 जनवरी को विजयवाड़ा पहुंचेगी वहां रात्रि में गोरी श्रृंगार एवं मेंहदी का आयोजन होगा, 6 जनवरी को विजयवाड़ा से विशेष बसों के माध्यम से सबसे पहले मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं उसके पूर्व इंदौर अग्रवाल समाज की ओर से 511 फीट की ध्वजा यात्रा भी निकालेंगे। सुबह पूजन-दर्शन के बाद शाम को महिलाओं के चौथ का उजमन एवं भजन संध्या भी रखी गई है। मल्लिकार्जुन में रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक कोच में दो प्रभारी एवं दो वेटर उपलब्ध रहेंगे और श्रद्धालुओं की सेवा करेंगे। इंदौर के 50 से अधिक रसोईए ही रात्रि विश्राम वाले स्थानों पर भोजन तैयार करेंगे। इस दिव्य यात्रा की तैयारियों के लिए शनिवार को फाउंडेशन की बैठक संपन्न हुई जिसमें यात्रा प्रभारी राजेश मित्तल (मालवा मिल), मनोज अग्रवाल (अन्नपूर्णा), नितिन अग्रवाल (एयरपोर्ट), मनीष जिंदल, राजू गोयल (समाधान), रितेश मित्तल (बारदान), सचिन अग्रवाल (दरबार) अजय मंगल, रितेश राजवंशी एवं भावेश अग्रवाल भी उपस्थित थे। बैठक में तय कार्यक्रम के अनुसार 8 जनवरी को श्रद्धालु रामेश्वरम पहुँच जाएँगे जहाँ शाही सवारी के पश्चात भगवान शिव के लघु विग्रह को पालकी सहित कांधों पर लेकर महिला-पुरुष दक्षिण भारतीय परिधान में शामिल होंगे तथा वहां भी रात्रि विश्राम के दौरान नाट्य मंचन का आनंद लेंगे। रामेश्वरम में रामसेतु, धनुषकोडी एवं अन्य सभी दर्शनीय स्थलों की सैर के बाद 10 जनवरी को तिरुपति बालाजी पहुंचकर भजन संध्या और दर्शन-पूजन के बाद 11 की रात को सभी श्रद्धालु इंदौर के लिए प्रस्थित होकर 12 जनवरी को मध्य रात्रि इंदौर लौट आएंगे। इंदौर एवं मध्यप्रदेश के 30 से अधिक शहरों के अग्रबंधु इसके पूर्व अग्रोहा, राजस्थान, द्वारका एवं जगन्नाथ पुरी की तीर्थ यात्राएं चार्टेड ट्रेन से कर चुके हैं। इस यात्रा को लेकर भी समाज में व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है। ट्रेन की सभी 1100 सीटें आरक्षित हो चुकी हैं।