📰 पूरी खबर:
नीमच। गत दिनों जीरन तहसील नीमच जिले से सटे चेनपुरा बीट में कई पेड़ बेरहम कुल्हाड़ी की भेंट चढ गए । वन अमले ने मौके पर लकड़ियां जब्त की हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीट स्तर पर निगरानी नहीं होने से तस्कर सक्रिय हैं। ऐसे में वन विभाग की कार्य प्रणाली पर सवार उठने लगे है।ऐसे बीट की जिम्मेदारी और जवाबदेही कैसे तय होगी? चेनपुरा की घटना बताती है कि बीट पर निगरानी कमजोर है। हालांकि जीरन तहसील के चेनपुरा डेम के पास चेनपुरा बीट में हरे पेड़ों की अवैध कटाई के बाद वन विभाग ने टीम बनाकर जांच शुरू कर लकड़ी जब्त की है । स्थानीय लोगों ने बीट पर निगरानी न होने के आरोप लगाए।
इनका कहना-
1 डिप्टी रेंजर 1 परिक्षेत्र सहायक दो बीट गार्ड कर्मचारियों की टीम बनाई है। अज्ञात के विरुद्ध वन अपराध पंजीबद्ध कर काटी गई लकड़ी मौके से जप्त की गई है। जिसका परिवहन करा कर वन चौकी परिक्षेत्र चौकी चीताखेड़ा पर रखवाई गई है। इस मामले की जांच की जा रही है। -दशरथ अखंड, अनुविभागीय अधिकारी,नीमच