नीमच ।शहर में एक भव्य संगीत निशा का आयोजन शनिवार, 28 फरवरी 26 को टाउन हॉल में "सुर संगम ग्रुप नीमच " द्वारा, भारत विकास परिषद्   (सुभाष शाखा-नीमच )के तत्वावधान में होगा l  नीमच के उभरते कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सदाबहार फिल्मी  गीतों का ट्रेक पर गायन   कार्यक्रम का भव्य आयोजन होगा l जिसमें अतिथि के रूप में सर्व श्री जम्बूकुमारजी जैन (समाजसेवी)  राकेशजी (पप्पू) जैन , प्रमोदजी रामावत अध्यक्ष-सार्थक सृजन,श्रीमती स्वाति गौरवजी चौपड़ा ,अध्यक्ष-नगर पालिका, संतोषजी चौपड़ा,डॉ. चेतनजी पाटीदार , प्रदीपजी चौपड़ा (रिजनल सचिव सेवा सेन्ट्रल रिजन)
 सुनीलजी शर्मा, भारत विकास परिषद सुभाष शाखा नीमच के अध्यक्ष ललित जी राठी सचिव मनीष गर्ग, एवं सुर संगम म्यूजिकल ग्रुप के संयोजक महेश शर्मा, सह संयोजक- डॉ जीवन कौशिक, वीरेंद्र दुबे ,कोषाध्यक्ष द्वारा सदस्यों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन किया गया। भारत विकास परिषद सुभाष शाखा अध्यक्ष ललित राठी एवं सुर संगम ग्रुप के अध्यक्ष संयोजक महेश जी शर्मा द्वारा स्वागत उद्बोधन के माध्यम से संस्थाओं की जानकारी दी गई। संगीत संध्या के इस कार्यक्रम के प्रारंभ में मां सरस्वती को वंदन करते हुए सरस्वती वंदना स्तुति का गान  किया गया । सरस्वती वंदन व  गायन श्रीमती संध्या जैन, भारती उपाध्याय, मीना पंत  व  पूर्वा प्रधान ने किया। इसके पश्चात सुमधुर गीत 
- आते जाते खूबसूरत.. की प्रस्तुति राजकुमार लालवानी ने दी। इसके पश्चात प्रणीत जैन ने गोरी तेरा गाँव बड़ा प्यारा...,गोपाल गर्ग व संध्या जी ने ये चाँदनी रात में इक बार तुम्हे.. अनिल जैन ने - ओ हंसिनी मेरी हंसिनी..तथा सतीश पाटीदार ब पूर्व ने– आ जा सनम मधुर ... मीना पंत ने दिल तो है दिल.. की कर्णप्रिय प्रस्तुति दी। इसके पश्चात ग्रुप संयोजक महेश शर्मा व भारती उपाध्याय ने - तुम जो चले गए तो होगी... की युगल प्रस्तुति दी। वही वीरेंद्र दुबे व संध्या जैन ने- तुम आ गए हो नूर आ गया है... कि प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के मध्य में आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया गया।
इसके पश्चात लोकेश सैनी एवं भारतीय उपाध्याय द्वारा कोरा कागज था यह मन मेरा की सदाबहार गीत की प्रस्तुति देखकर तालियां बटोरी गई। सुर संगम ग्रुप के सहसंयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ जीवन कौशिक ने श्रीमती संध्या जैन के साथ युगल प्रस्तुति इस मोड़ से जाते हैं कुछ सुस्त कदम रस्ते .. की प्रस्तुति दी गई। वही नरेश जी पाठक ने - रात कली एक ख्वाब में आई... जैसे सु मधुर गीत की प्रस्तुति दी गई।
वहीं अन्य गीतों में प्रणीत जैन व संध्या जैन ने आज तेरी याद आई.., इसी तरह फूल तुम्हें भेजा है खत में अनिल जैन व संध्या जैन इतना तो याद है मुझे सतीश पाटीदार वह भारतीय उपाध्याय सहित भीगी भीगी रातों में मैं कमी में कहीं कवि ना बन जाऊं नरेश पाठक एक रास्ता है जिंदगी डॉक्टर जीवन कौशिक व संध्या जैन ने रोमांचक प्रस्तुति दी।
सोलह बरस की बाली उमर को सलाम ..गोपाल गर्ग द्वारा प्रस्तुति दी गई। कोरा कागज था यह मन मेरा लोकेश सैनी व भारती उपाध्याय ,चौदहवीं का चांद हो या आफताब.. महेश जी शर्मा ने खूब दाद  बटोरी l कचा कच भरे शहर के टाउन हॉल में  गीत संगीत प्रेमी श्रोताओं ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम का सफल हृदय स्पर्शी संचालन 
श्रीमती संगीता जारौली ने तथा आभार सुर संगम ग्रुप के सयोजक महेश जी शर्मा द्वारा व्यक्त किया गया।