नीमच। मध्यप्रदेश के अग्रणी नेत्र चिकित्सालय गोमाबाई नेत्रालय, नीमच ने नेत्र रोग निदान, उपचार एवं अंधत्व निवारण के क्षेत्र में अपनी समर्पित सेवाओं के 34 वर्ष पूर्ण कर 35वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। स्वर्गीय श्री घीसालाल अग्रवाल (जी.डी. साहब) द्वारा 14 जनवरी 1992 को अपनी माताश्री की स्मृति में स्थापित यह संस्थान प्रारंभ से ही “सबके लिए दृष्टि” के संकल्प के साथ कार्यरत है। चौंतीस वर्षों की सेवा यात्रा में गोमाबाई नेत्रालय ने न केवल नीमच बल्कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भी विश्वसनीय नेत्र सेवाओं का सशक्त नेटवर्क विकसित किया है। आधुनिक तकनीक,अनुभवी चिकित्सकों,नेत्रदान एवं कॉर्निया प्रत्यारोपण जैसे मानवीय प्रयासों के माध्यम से संस्थान ने राष्ट्रीय अंधत्व निवारण अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया है। भीलवाड़ा में द्वितीयक केंद्र की स्थापना, विजन सेंटर्स का विस्तार, चलित आपका चश्मा आपके द्वार सेवा तथा ग्रामीण शिविरों के माध्यम से उत्कृष्ट नेत्र उपचार सेवाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाई जा रही हैं। ** सेवाकाल के 34 वर्षों में उपलब्धियों के प्रमुख तथ्य - **29,66,908 नेत्र रोगियों की जांच एवं उपचार ** 2,63,813 नेत्र ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न ** कुल 32,30,721 व्यक्तियों का समग्र उपचार ** 2,900+ अंधत्व पीड़ितों को निःशुल्क कॉर्निया प्रत्यारोपण ** 2100+ ग्रामीण नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित ** 62,913 निःशुल्क नेत्र स्क्रीनिंग ** 18,465 निःशुल्क चश्मों का वितरण ** नौ सक्रिय विजन सेंटर्स (मध्यप्रदेश व राजस्थान) ** गोमाबाई नेत्रालय की प्रमुख शाखा– भीलवाड़ा की सेवा अवधि के दो वर्ष पूर्ण गोमाबाई नेत्रालय ने 34 वर्षों में समर्पित सेवा, गुणवत्ता और विश्वास की जो पहचान बनाई है, वह समाज के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। संस्थान भविष्य में भी अंधत्व निवारण और नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु निरंतर कार्य करता रहेगा।