नीमच।श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज महिला मंडल नीमच द्वारा भारतीय संस्कृति के महान पर्व मकर संक्रांति का आयोजन हमारी गौरवशाली परंपरा एवं संस्कृति के अनुसार मनाया। *समाज अध्यक्ष श्रीमती अर्चना जोशी* ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है, यानी अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का संकेत है । इसी वजह से भीष्म पितामह ने 6 माह तक बाणों की शैय्या पर सोते हुए इस दिन को ही अपने प्रस्थान करने को चुना जब भगवान भास्कर दक्षिण से उत्तर की ओर गमन करना प्रारंभ करते हैं । मकर संक्रांति को सर्दी के कम होने और लंबे दिनों की शुरुआत के रूप में भी देखा जाता है । इस पर्व का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह दिन बदलाव को अपनाने और आगे बढ़ने का प्रतीक माना जाता है।
श्रीमती जोशी ने इस विषय में और जानकारी देते हुए बताया कि गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज महिला मंडल की हमारी सभी बहनों ने संस्कृति और हमारी परम्परा केअनुकूल पारम्परिक खेलों के द्वारा भगवान सूर्य नारायण की पूजा तथा हल्दी कुंकुम से अभिनंदन करके मनाया।
कार्यक्रम में समाज की संरक्षक श्रीमती राजकुमारी शर्मा , , वरिष्ठ रमा शर्मा , संस्कृति जोशी , उपाध्यक्ष ज्योति जगदीश जोशी, दुर्गा शर्मा, सुधा शर्मा , सचिव रेखा शर्मा, कोषाध्यक्ष श्वेता डोरिया, प्रभा शर्मा, मेघा डोरिया, निकीता शर्मा, प्रिया दुबे, मोनिका शर्मा, अंकिता उपाध्याय, संगीता पुरोहित, जया शर्मा, मीनाक्षी शर्मा, मेघा व्यास , एडवोकेट श्रद्धा त्रिपाठी, मीनू त्रिपाठी, श्वेता पुरोहित इत्यादि महिलाएं उपस्थित थीं।