उदयपुर : अवैध खनन के विरुद्ध अभियान तेज,देवलिया में सवा सौ टन क्वार्टज् जब्त, कुराबड़ में फेल्सपार, मेसेनरी स्टोन पकड़ा,ईसवाल में अवैध खनन के दो प्रकरण दर्ज,खनन माफिया में मचा हड़कम्प
04 Jan 2026
Local News
उदयपुर। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और अवैध खनन की रोकथाम को लेकर राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उदयपुर जिले में प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में खनन, वन, पुलिस, परिवहन और राजस्व विभागों की संयुक्त टीमें सतत मॉनिटरिंग कर सख्ती से अभियान को अंजाम दे रही हैं । इससे खनन माफिया में हड़कम्प सा मचा हुआ है।
खनि अभियंता आसिफ अंसारी ने बताया कि अभियान के तहत रविवार को संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा शीशवी कुराबड़ क्षेत्र में अवैध निर्गमन के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस दौरान एक ट्रेलर में परिवहन की जा रही लगभग 40 टन फेल्सपार को अवैध पाए जाने पर जब्त किया गया। इसी क्रम में कुराबड़ क्षेत्र में ही एक अन्य कार्रवाई के दौरान ओवरलोडिंग के मामले में दो ट्रेलर, जिनमें लगभग 70 टन मेसनरी स्टोन भरा हुआ था, को जब्त किया गया। जब्त किए गए सभी वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
उधर, ऋषभदेव क्षेत्र में पुलिस उप अधिक्षक श्रीमान हेरम्ब जोशी के निर्देशन में थानाधिकारी सहित पुलिस टीम ने अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए गश्त के दौरान देवलिया पहुंची। वहां सफेद पत्थर क्वार्ट्स लगभग 100-125 टन लगभग का अवैध भण्डारण पाया गया । पुलिस ने खनन विभाग के अधिकारियों को बुलवाकर मौका पर्चा बनाकर क्वार्टज् को निगरानी में लिया। अग्रिम कार्यवाही जारी है। इसी प्रकार पाटिया थाना क्षेत्र में थानाधिकारी देवेंद्रसिंह राव के नेतृत्व में टीम ने अवैध खनन अभियान के तहत 01 ट्रैक्टर मय मेसनरी स्टोन से भरी ट्रॉली को डिटेन कर माइनिंग विभाग ऋषभदेव को सूचित किया ।
ईसवाल गांव में अवैध खनन की सूचना पर खान विभाग के वरिष्ठ कार्यादेशक धर्मेंद्रसिंह मय टीम मौके पर पहुंचे। वहां दो स्थलों पर अवैध खनन कर मेसेजरी स्टोन निकालना पाया गया। टीम ने दो प्रकरण बनाते हुए अग्रिम कार्यवाही प्रारंभ की।
अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीतिजिला कलेक्टर नमित मेहता ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अरावली क्षेत्र में अवैध खनन की रोकथाम को लेकर पूर्णतया गंभीर है। सरकार के निर्देश पर अरावली क्षेत्र में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अभियान के दौरान दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।