[video width="848" height="478" mp4="https://neemuchmalwaprimenews.com/wp-content/uploads/2026/01/VID-20260104-WA0029.mp4"][/video] भादवामाता (परमानंदशर्मा)।मालवा की वैष्णो देवी के नाम से प्रसिद्ध आरोग्य स्थल महामाया भादवामाता में इन दिनों श्रीमद्भागवत कथा की ज्ञान गंगा प्रवाहित हो रहीहै।1जनवरी से 7तक श्री प्रीतम जी महाराज (श्री रुद्रेश्वर धाम तलेन)के मुखारविन्द से प्रारंभकथा के चौथे दिन व्यासपीठ पर विराजित संत श्रीप्रीतमजी महाराज ने बताया। राजा परीक्षीत संदर्भ में प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षीर सागर मे मगर ने गजेंद्र नामक हाथी का पांव पकड़ लिया।मगर के मुंह की मजबूत पकड़ से गजराज अपने पांव नही छुड़ा पाए तो इस जद्दोजहद में कई वर्ष बीत गए और जब यह देखा तो भगवान नारायण ने कहा कि गजराज से कि कभी अपने आप पर इतना घमंड मत करना। हमसे बड़ा भी कोई है। इसी प्रकार से व्यक्ति को अपने जीवन में कभी भी घमंड नही करना चाहिए। क्योंकि जीवन में अपने पद का कभी अहंम मत करना। यह सब अन्त की ओर ले जाते है।व क्षमा से बड़ा कोई दान नही है। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में चिंतन करने की आवश्यकता है।इस संगीमय कथा से कर्णप्रिय भजन प्रस्तुति-वंदन हे गुरुदेव चरण में वंदन है। इस संसार में भक्तिं करने वालों की कोई जाति नही होती है। बस दीनानाथ दया करना कि-मेरे दिन बंधु भगवान रे गरुड़ पर चड़कर आ जाना। यह दुनिया धौखा आयेगा मरण का मोका।अब जीव चले शमशान तो तुम शिवजी बनकर आ जाना। बस अपने जीवन में जो दुःख में खड़ा होता है वही हमारा परिवार है। भगवान कण कण में व्याप्त हैं।वे अपने भक्तों की पुकार भी सुनते है। आज बिना कर्म के जीवन भी व्यर्थ है। व कर्म के साथ ही यदि सत्संग हो जाए तो जीवन में कल्याण का मार्ग खुल जाता है। परंतु आज कर्म के फल सबको भोगने पड़ते है। बस भाव ये रखो कि ईश्वर से बड़ी सत्ता नही किसी की सत्ता नहीं है। कर्णप्रिय भजन-अन्त समय प्रभु आना पड़ेगा, कभी कभी लाज बचाना पड़ेगा।आये न आये चाहे कुंटब हमारा,भक्तों की लाज बचाना पड़ेगा। जब कोई काम न आए तो भगवान काम आते है। क्योंकि ये संसार तो सुख के साथी है।आगे भगवान श्री विष्णु शेषनाग की शैय्या पर विराजमान है। राजाबली के द्वार प्रसंग-आपके द्वार पर दुश्मन भी आए तो मान मत घटाना वो परमात्मा का रुप है। बस दान करो तो दिखावा मत करना,जीवन में अपने पुण्य को भी छुपा के रखना। देवता और दानवो के बीच समुद्र मंथन कथा वृत्तांत बताया। बस जीवन में अच्छी संगती करजो जीसके घर में आगंन में सदा तुलसी का क्यारा होगा वो बड़ा भाग्यशाली होगा। ऊके द्वार पर कभी भूतप्रेत न आएंगे।क्योंकि अच्छे संत जीवन में कम मिलते है। बस आपके जीवन में शिवजी का पूजन करने से सच्ची भक्ती मिल जाएगी।क्योंकि महादेव ने हलाहल पान करके संसार बचाया था।भजन-बन गया शंकर जौ मारया रे कंकर,मारा पाप गढड़ी फूटन लागी।नारदजी-जीका भाग में लिखा वैसा उनकों मिल जाता है।भगवान का मोहिनी रुप संदर्भ हुआ। इस संसार में जो साधना करेंगे वो कभी धोखा नी खाएंगे इसीलिए संसार में बस गुरु करना जानकर। भजन-तारन हरी तो तार दो ,मुझको तेरा भरोसा है। मुझको तेरा भरोसा है।भव सागर में नाव हमारी पार लगा दो ओ गिरधारी। पंण्डाल में उपस्थित श्रद्धालुगण यहां भक्तिंरस में डूबकियां लगाते हुये झूमने लगे। और कथा स्थल पर श्रीकृष्ण जन्मौत्सव मनाया गया। इस अवसर पर कृष्ण जन्म सचित्र वर्णन हुआ।