चिकारडा। चिकारड़ा में जाम लगने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है । कौन कब कहां पहुंचेगा यह कहना मुश्किल ही है । यहां यह बता दे की निम्बाहेड़ा- मंगलवाड़ राजमार्ग पर चिकारड़ा स्थित है। यह राज मार्ग अति व्यस्तम मार्ग में सुमार हो चुका है । यह राज मार्ग कानोड़ धरियावद डूंगरपुर बांसवाड़ा के साथ उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और निम्बाहेड़ा को जोड़ता है । यही मार्ग सांवलिया धाम को भी जोड़ता है जो यहां से मात्र 7 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। मध्यप्रदेश से सांवलिया धाम को जाने वाले श्रद्धालु इस मार्ग से ही आते जाते है । गांव के मुख्य हिस्से में सड़क किनारे किए गए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण के कारण आए दिन भयंकर जाम लग रहा है। इससे न केवल राहगीर बल्कि गांव के स्थानीय निवासी भी बुरी तरह से त्रस्त हैं। ग्रामीण प्रकाश सुथार का कहना है कि मुख्य सड़क और नालियों पर मकान, दुकानें तथा अन्य निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे सड़क इतनी संकरी हो गई है कि दो बड़े वाहन एक साथ नहीं निकल पाते। जैसे ही दो ट्रक या बसें आमने-सामने आती हैं, लंबा जाम लग जाता है। घंटों वाहन फंसे रहते हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा होती है। आपातकालीन स्थितियों में एंबुलेंस या अन्य जरूरी वाहनों का निकलना भी दूभर हो जाता है। मेगा हाइवे के किनारो पर भी कई जगह पर अतिक्रमण हो रखा है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। बार-बार शिकायतों के बाद तथा के केम्पों के माध्यम से सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाया गया। लेकिन कोई भी अधिकारी किसी भी तरह से ठोस निर्णय लेते हुए अतिक्रमण को नहीं हटाया। ग्रामीणों ने रूबरू भी इस बारे में चेतन देते हुए कहा था बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की है कि डूंगला की तर्ज पर यहां भी मुख्य राजमार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। ताकि गांव से गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव कम हो और जाम की समस्या से स्थायी निजात मिल सके। यहां यह भी बता दे कि पिछले 10 दिनों से जाम की स्थिति 2 घंटे से लेकर 8 घंटे तक बंनती रही है। लेकिन किसी भी आलाधिकारी पुलिस प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को नहीं संभाला गया। वाहन चालक करें तो क्या करें मार्ग पर सांप रेंगने वाली स्थिति बनी रहती है। शनिवार को 4:30 बजे के आस पास लगा जाम रात 11 बजे बाद ही सामान्य हो पाया। खास मुसीबत की बात यहां आती है कि जाम में एंबुलेंस के फंसने से मरीजों की जिंदगी दांव पर लगी रहती है। लेकिन जाम आम बनने से एंबुलेंस भी ब मुस्किल निकल पाती है। ग्रामीण एंबुलेंस को वैकल्पिक मार्ग से निकालने का प्रयास करता नजर आता है। प्रकाश सुथार के साथ स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चलाया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रशासन से अपील है कि जनहित में तत्काल कदम उठाए जाएं।