सुर संगम ग्रुप ने मोहम्मद रफी याद में किया की संगीत निशा का आयोजन
01 Jan 2026
Local News
नीमच ।शहर व क्षेत्र की संगीत को समर्पित संस्था सुर संगम म्यूजिकल ग्रुप द्वारा 28 दिसंबर रविवार को फिल्मी गीत संगीत के ट्रैक पर अद्भुत फनकार रहे स्वर्गीय मोहम्मद रफी की जयंती के उपलक्ष में उन्हीं को समर्पित संगीत संध्या का आयोजन किया गया। स्व मोहम्मद रफी ऐस आवाज के फनकार थे,जिन्होंने गजल , गीत या भजन हो सभी को गहराई से डूब कर अपनी चमत्कृत करने वाली आवाज दी। हजारों गीतों में से चुनिंदा गीतों को लेकर रफी साहब को याद किया गया। ग्रुप के संयोजक महेश जी शर्मा,ने मां सरस्वती पर पुष्प अर्पित कर दीप्रज्वलन किया। कार्यक्रम सह संयोजक जीवन कौशिक, वीरेंद्र दुबे, लोकेश सैनी ने कार्यक्रम को सूत्र में पिरोया। शाम 7:00 बजे प्रारंभ हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना गीत- हे शारदे मां,,से हुई।जिसे भारती उपाध्याय,मीना पंत,मोनिका ने स्वर दिए। कार्यक्रम में सुर संगम म्यूजिकल ग्रुप के सभी सदस्य सपरिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मध्य में संस्था के सदस्य सतीश पाटीदार को जन्मदिन के अवसर पर स्वागत कर, शुभकामनाएं भी दीं गई। इसके पश्चात मोहम्मद रफी के गए गीतों की प्रस्तुति में ग्रुप संयोजक महेश शर्मा व श्रीमती शर्मा ने -तेरा झुमका रे... सतीश पाटीदार ने, यह रेशमी जुल्फें यह शरबती आंखें,,,गाकर समा बांध दिया। प्रनीत जैन व मोनिका ने- झिलमिल सितारों का आंगन .. वहीं अन्य सदाबहार गीतों में वीरेंद्र दुबे व भारती जी ने अच्छा तो हम चलते हैं.. जीवन कौशिक व मीना पंत ने, ए मेरे हमसफर, एक जरा इंतजार ,, नरेश पाठक ने एक चंचल शोख हसीना.. लोकेश सैनी ने - रुप तेरा मस्ताना.. अनिल जैन व मोनिका ने किसी राह में किसी मोड़ पर.. गोपाल गर्ग व मोनिका ने चुराके दिल मेरा गोरिया चली.. अदिति पाटीदार ने अपने सुरीले अंदाज में - तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया की प्रस्तुति दी। इस तरह गीत संगीत के सितारे आवाज के जदूगर मोहम्मद रफी को समर्पित यादगार संगीत संध्या अंत मे सहभोज के साथ संपन्न हई । अंत में आभार ग्रुप के वीरेंद्र दुबे ने माना ।