
भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के चौथे दिन शनिवार को प्रदेश के वनांचलों से जिला यूनियनों, प्राथमिक वनोपज समितियों और वन धन केन्द्रों द्वारा लाई गई शुद्ध जड़ी-बूटियों और उनसे निर्मित उत्पादों में लोगों की भारी रुचि देखी गई। एम.एफ.पी. पार्क की प्रदर्शनी में गुणवत्ता युक्त और नवीन उत्पादों तथा उनकी आकर्षक पैकेजिंग ने आगंतुकों को आकर्षित किया। चौथे दिन दोपहर तक 68 लाखरूपये से अधिक मूल्य की जड़ी-बूटियों, औषधियों और अन्य वन उत्पादों की बिक्री हुई।
मेले में अकाष्ठीय वनोपज से सामुदायिक विकास ‘वनों की समृद्धि को सामुदायिक जन कल्याण से जोड़ना’ विषय पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री पंकज अग्रवाल ने की। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ तथा म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक डॉ. समिता राजोरा उपस्थित रहीं। कार्यशाला में वनों की समृद्धि, लघु वनोपजों के संवर्धन एवं संरक्षण के संबंध में उपस्थित विषय विशेषज्ञों द्वारा अपने अनुभव एवं विचार प्रस्तुत किये गये।