भोपाल । अब भोपाल में भी सिकल मित्र पहल की शुरुआत की जाएगी। टीवी जैसी बीमारी को कंट्रोल करने के लिए निश्चय मित्र की तर्ज पर अब सिकल सेल मित्र भी बनाए जाएंगे, जो इन मरीजों को न केवल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेंगे, बल्कि जन-जन तक जागरूकता फैलाने का काम भी करेंगे। अगस्त तक पूरे प्रदेश में 554 सिकल मित्र तैयार हुए हैं, जबकि सिकल सेल एनीमिया के रोगी और वाहकों की संख्या लगभग 2 लाख 47 हजार 625 है। भोपाल में रोगियों की संख्या की तुलना में मित्रों की उपलब्धता बेहद कम है। अब तक सिर्फ सिकल सेल पीडि़त बच्चों की मां ही अपने बच्चों के लिए लड़ रही हैं, दवाइयां जताने से लेकर स्वास्थ्य के लिए काम कर रही हैं। अब आम जनता एनजीओ के साथ लोगों को भी जोड़ा जाएगा। विभाग के अनुसार सिकल मित्र सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता फैलाने, जांच कराने के लिए प्रेरित करने, चिन्हित रोगियों,वाहकों को उपचार एवं जेनेटिक काउंसलिंग उपलब्ध कराने, दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिलाने और उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोडऩे का काम करेेंगे। कोई भी आम व्यक्ति, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवक या संस्थान सिकल मित्र बन सकता है। अब सामाजिक न्याय विभाग की विशेष पहल प्रदेश में अब सामाजिक न्याय विभाग विशेष जागरूकता मुहिम छेडऩे जा रहा है। विभाग ने तय किया है कि शहर के सरकारी और निजी कॉलेजों में सिकल सेल अवेयरनेस कार्यशालाएं आयोजित होंगी। पोस्टर और बैनर अभियान के जरिए गांव-गांव और वार्डों में जानकारी पहुंचाई जाएगी। स्कूलों में स्वास्थ्य शिक्षा सत्र कराए जाएंगे, ताकि छात्र अपने परिवारों को जांच व परामर्श के लिए प्रेरित कर सकें। आंगनवाड़ी और महिला समूहों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़े। विभाग हर माह रक्त जांच शिविर और परामर्श केंद्र स्थापित करेगा, जिससे रोगियों को उपचार और दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिलाने की प्रक्रिया तेज हो सके। अभियान छोडऩे के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।